बस यही सोच कर ज्यादा शिकवा नहीं किया मैंने
कि हर कोई अपनी जगह सही होता है |
बस यही सोच कर ज्यादा शिकवा नहीं किया मैंने
कि हर कोई अपनी जगह सही होता है |
बहुत तकलीफ़ होती है उस वक़्त जब किसी की याद
हद से ज्यादा आये और उससे बात भी ना हो|
खामोशी एक नशा है और
मैं आजकल नशे में हूँ
Don’t force anyone to stay in your life..
The Real one will Always with You.
तेरे गरूर को देख कर.. तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने,,
ज़रा हम भी तो देखें.. कौन चाहता है तुम्हें मेरी तरह ||